पुलिस वाले मुस्लिम कैदियों से अल्लाह का अपशब्द कहलवाते है, जय श्री राम के नारे लगवाते है

भोपाल रिहाई मंच ने जेल में सिमी के सदस्य होने के आरोप में कैद आरोपियों पर जेल प्रशासन द्वारा बर्बर पिटाई और हत्या करने की साजिष का आरोप लगाया है। मंच ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग करते हुए हस्तक्षेप करने की अपील की है।

रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के महासचिव राजीव यादव ने भोपाल जेल में बंद आरोपियों के परिजनों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर कहा है कि सिमी से जुड़े होने के आरोप में भोपाल जेल में बंद 22 मुस्लिम नौजवानों को जेल के अंदर लगातार टाॅर्चर किया जा रहा है। पिछले साल 31 अक्टूबर 2016 को भोपाल में हुए फर्जी मुठभेड़ जिसमें 8 आरोपियों की हत्या पुलिस ने कर दी थी, के बाद से ही बाकी बचे आरोपियांे को मारा-पीटा जा रहा है। पिटाई का यह क्रम हर दूसरे-तीसरे दिन होता है जिसमें जेल अधिकारी हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे आरोपों में बंद 8 आरोपियों से सिमी के एक आरोपी को लाठी और डंडों से पिटवाता है और उनसे ‘जय श्री राम’ का नारा लगवाता है। पिटाई के दौरान उनसे अल्लाह और मुसलमानों को अपशब्द कहने के लिए कहा जाता है जिससे इनकार करने पर उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा जाता है।

राजीव यादव ने कहा है कि परिजनों से मुलाकात के दौरान आरोपियों ने बताया है कि उन्हें पिछले साल की फर्जी मुठभेड़ के बाद से ही लगातार पुलिस द्वारा किसी भी दिन फर्जी मुठभेड़ में मार देने की धमकी दी जाती रहती है और उनसे कहा जाता है कि सरकार उन्हीं की है वो जो चाहे वो कर सकते हैं। परिजनों को आरोपियों ने यह भी बताया है कि फर्जी एनकांउटर के बाद से ही उनके खाने में कटौती कर दी गई और पानी भी दिन भर में सिर्फ एक बोतल दिया जा रहा है जिससे कैदी पीने से लेकर षौच करने और वजू करने तक का काम करने पर मजबूर हैं।

राजीव यादव ने कहा कि भोपाल जेल में बंद कैदियों के परिजनों से पूछताछ में खंडवा निवासी फरहाद की मां सायरा बानो ने रिहाई मंच को बताया कि अबू फैसल को इतना पीटा गया है कि उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया है वहीं इकरार शेख ने भोपाल हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है कि उनके दाढ़ी के बाल नोचे जा रहे हैं तथा सर के बाल आधे काट दिए गए हैं, उसके पैरों के तलवों पर बुरी तरह मारा जा रहा है। उन्होंने कहा है कि अगर उसके बयान पर अदालत ने कोई कार्रवाई नहीं की तो हो सकता है अगली पेषी से पहले ही उसकी हत्या कर दी जाए। इकरार शेख को यह बयान देने के बाद जेल में दुबारा पीटा गया जिसकी सूचना उसने मुलाकात के दौरान अपने परिजनों को दी है। रूबीना ने रिहाई मंच को भेजे सूचना में बताया है कि मुलाकात के दौरान कैदियों पर यह दबाव भी डाला जा रहा है कि वे परिजनों से अपने टाॅर्चर की बात नहीं बताएं नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा।

राजीव यादव ने कहा है कि भोपाल जेल में बंद सिमी के आरोपियों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं है और वे जल्दी ही छूटने वाले हैं इसीलिए पिछले साल उनमें से 8 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में एटीएस ने मार दिया था और बाकी बचे लोगों को भी मारने की साजिष की जा रही है या उन्हें इस स्थिति में पहंुचाने की कोशिश की जा रही है कि वे खुद बिमारी और कमजोरी से मर जाएं।

राजीव यादव ने कहा कि सायरा बानो के दो बेटों फरहाद और अरशद को एटीएस ने 2011 में उठाकर सिमी का आतंकी बताते हुए 2009 में रतलाम मंे एटीएस इंसपेक्टर सीताराम की हत्या का आरोपी बना दिया। इनमें से अरशद अभी जमानत पर बाहर हैं। इन दोनों की मौजूदा उम्र 28-30 है जबकि सिमी पर सितम्बर 2001 से ही प्रतिबंध है जिसके चलते कहीं पर भी उसकी शाखा नहीं है और यह संगठन प्रतिबंध के बाद से ही न्यायालय में अपने प्रतिबंध के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है।

राजीव यादव ने कहा कि एटीएस के आरोप के मुताबिक सिमी पर प्रतिबंध लगने के समय आरोपियों अरशद और फरहाद की उम्र 14-15 साल रही होगी जो उसके इस दावे को मजाक साबित करने के लिए पर्याप्त है कि वे कभी सिमी से जुड़े होंगे और उसके कहने पर उसके प्रतिबंध के 8 साल बाद किसी अपराध को अंजाम दिया होगा। राजीव यादव ने कहा कि निराधार और खोखले आरोपों के कारण ही इनके मामले में सुनवाई और गवाहियों को लगातार टाला जा रहा है और उनके बरी हो जाने की सूरत में एटीएस को होने वाली बदनामी से बचाने के लिए उन्हें जेल में ही मार देने की साजिश रची जा रही है। उन्हांेने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है।