क्या आप जानते हैं क्यों होती है इस आइलैंड पर केकड़ों की बारिश

अगर रातों-रात पूरा आइलैंड लाल रंग मे बदल जाए तो ये नजारा देखने में कैसा नज़र आएगा. ऐसा ही नजारा एक आइलैंड पर देखने को मिला जहां रातों रात हर जगह केकड़ों से भर गई. हर जगह सिर्फ केकड़े ही केकड़े नजर आने लगे. सड़क से लेकर घरों तक ये केकड़े कब्जा कर के बैठ गए.

हर साल लगता है क्रिसमस द्वीप पर 12 करोड़ केकड़ों का जमावड़ा 

ऑस्ट्रेलिया के क्रिसमस द्वीप पर 12 करोड़ केकड़ों का जमावड़ा हर साल लग जाता है. ये केकड़े जंगल, इंसानों के घर, रेस्तरां, बार, बस स्टॉप, सड़कें और हर जगह पर दिखाई देते हैं. ये केकड़े हर साल प्रजनन करने के लिये क्रिसमस द्वीप के एक छोर स्थ‍ित जंगल से दूसरे छोर स्थ‍ित भारतीय महासागर तक का सफर तय करते हैं.

ऑस्ट्रेलिया के क्रिसमस द्वीप पर 12 करोड़ केकड़ों का जमावड़ा हर साल नजर आता है. ये केकड़े जंगल, इंसानों के घर, रेस्तरां, बार, बस स्टॉप, सड़कें और न जाने कितनी ही जगह पर दिखाई देते हैं। हर साल हजारों केकड़े सड़क पर वाहनों के नीचे आकर मर भी जाते हैं। यह द्वीप 52 वर्गमील क्षेत्रफल का है और इसकी आबादी करीब 2000 लोगों की है. इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग इन केकड़ों को देखने पहुंचते हैं।

यह केंकड़े इतनी भरी संख्या में होते हैं कि इन्हें सड़कों पर देखकर इस लगता है कि सड़कें इन केकड़ों की वजह से पूरी तरह लाल हो गई हों. और हज़ारों केकड़े सड़क पर बाहनों के नीचे आ जाने की बजह से मर भी जाते हैं.

यह केकड़े समुद्र तट पर रेत में अंडे देते हैं. जब इन अण्डों से बच्चे निकलते है कुछ समुद्र की लहरों के साथ समुद्र की और चले जाते हैं .तो इसमें से कई बच्चे शहरों में लगी लाइटों कि रौशनी की तरफ आकर्षति होते हैं, जिसकी बजह से यह समुद्र कि उलटी दिशा में चले जाते है. और इससे यह जंगल, इंसानों के घर, रेस्तरां, बार, बस स्टॉप, सड़कें अदि पर आ जाते हैं. और हजारों केकड़े बाहनो के नीचे आकर मर भी जाते हैं.