लो हो गया जी कालेधन का खात्मा, राजनीतिक पार्टियों के चंदे पर कोई टैक्स नहीं और आम जनता वही

नई दिल्ली : देश की जनता की जेब में छिपा कालाधन बाहर निकालने की मुहिम में आखिर पॉलिटिकल पार्टियों के पैसे को छूट मिल ही गई। शुक्रवार को राहुल गांधी कांग्रेस शिष्टमंडल के साथ पीएम मोदी से मिले थे। शायद पीएम भी इसी बात का इंतजार कर रहे थे कि पार्टी का धन सफेद कराने के लिए कोई उनसे मिले और बीजेपी का अकूत चंदा भी पाक साफ हो जाए। आखिर वह रास्ता निकल ही आया और इस मुलाकात के बाद साफ हो गया कि राजनीतिक पार्टियां कुछ शर्तों के साथ पुरानी करंसी को अपने खातों में जमा करा सकती हैं और उन्हें इस पर आयकर से छूट मिलेगी।

राजस्व सचिव हंसमुख अढ़िया ने कहा की राजनीतिक दलों के खातों में अगर पैसे जमा हैं तो उन पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन अगर यह किसी व्यक्ति के खाते में जमा होगा तो उस पर हमारी नजर रहेगी।

सरकार बैंकों में जमा बिना हिसाब वाले धन पर जहां एक तरफ कड़ा जुर्माना लगाने की पहल कर रही है वहीं उसने आज कहा कि राजनीतिक दलों के खाते में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों में जमा राशि पर आयकर नहीं लगेगा।राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा है कि सरकार राजनीतिक दलों को प्राप्त कर छूट में कोई छेड़छाड़ नहीं कर रही है।

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक राजनीतिक दल 500 और 1000 रुपए के नोट अपने खातों में जमा कराने के लिये मुक्त हैं। लेकिन इस प्रकार की जमा पर शर्त होगी कि इसमें नकद में लिया गया व्यक्तिगत चंदा 20,000 रुपए से अधिक नहीं होना चाहिये और इसके पूरे दस्तावेज होने चाहिये जिसमें दानदाता की पूरी पहचान होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि कोई एक व्यक्ति 20,000 रुपए से अधिक का दान पार्टी को देता है तो मौजूदा कानून के तहत वह चेक अथवा बैंक ड्राफ्ट के जरिये होना चाहिये।

राजनीतिक दलों के अलावा किसानों को भी आयकर से छूट मिली हुई है। किसानों को बिना PAN कार्ड के पुरानी करंसी जमा करने के लिए सेल्फ-डेक्लरेशन देना होगा कि उनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है। सेल्फ डेक्लरेशन नहीं देने वालों के लिए PAN कार्ड देना जरूरी होगा।

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