इस्लाम सरकार के बनाये नियम से नही कुरान और हदीस से चलेगा – जमीअत उलेमा-ए-हिंद

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद प्रमुख ने चेताया इस्लाम को चलाने के लिए किसी सरकार के बनाए नियम नहीं चलेंगे इस्लाम सिर्फ और सिर्फ कुरान और हदीस से चलेगा. मुंबई में जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का एजेंडा बिल्कुल साफ साफ सामने आने लगा है.

देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के मद्देनज़र देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक कौम मतलब मुसलमानों के पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप कर रहे हैं. इन्होंने तीन तलाक के ऊपर और उसके खिलाफ फैसले पर अपनी राय दी है.

इस बात पर उन्होंने कहा की आजादी के बाद से देश में यह पहला मौका है जब किसी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल अंदाजी की है.जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस बारे में कहा है कि तीन तलाक और शादी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा करते हैं. और जमीयत उलेमा ए हिंद इसकी ना केबल निंदा करता है वल्की यह इसका पुरजोर विरोध भी करेगा.

इस प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए उनका कुरान और हदीस ही सबसे बड़ा संविधान हैं. और इनमें ही सारी व्यवस्थाएं हैं जो की मुस्लिम समाज व समाज के लोग अपने समाज को इसी आधार पर चलाते हैं और इससे के कानून और नियमों को मानते हैं.

और उन्होंने अदालत के फैसले के ऊपर आम जनता से राय मांगी है उन्होंने कहा कि मैं अपील करूंगा कि सभी मुस्लिम पुरुष और महिला आयोग के सामने अपनी राय रखें और जमीयते उलमा हिंद के प्रमुख को इस तरह की उम्मीद है कि 99% मुस्लिम और मुस्लिम पुरुष और महिलाएं शरीयत के अनुसार तीन तलाक और तीन विवाह दोनों के पक्ष में अपनी राय देंगे क्योंकि एक सच्चा मुसलमान शरीयत के खिलाफ कभी नहीं जा सकता.

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