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इसराइल में आग, खुदा की बेआवाज़ लाठी, फिलिस्तीन में मासूम बच्चो के कत्ल पर इसराइल की मुर्दादिल आवाम हर धमाकों पे तालिया बजाती थी

अस्पताल के टॉयलेट, लॉबी और कैंटीन तक घायलों से भर चुके थे। ऐसे में इसराइल ने फिलिस्तीन के एकमात्र पावर हाउस स्टेशन को उड़ा दिया। पूरा देश अंधेरे में डूब गया..अस्पताल में बिजली की सुविधा सिर्फ जनरेटर के भरोसे रह गयी। 24 घण्टे बाद जनरेटर हांफने लगा और मरीज बिना ऑक्सिजन और बिजली के तड़प तड़प के मर गए…. इसराइल की हैवानियत का सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हुए है ये सारी दुनिया जानती है। जब फिलिस्तीन पे हमले हो रहे थे तब सारी दुनिया तमाशबीन थी, धर्म के और मानवता के ठेकेदार चुप थे।

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जब ज़ुल्म की इन्तेहा हो जाती है तब, कुदरत को ही इन्साफ करना पढता है इसराइल में लगी आग इस बात का सबूत है – ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें

इसराइल जब फिलिस्तीन के मासूम बच्चो का कत्ल कर रहा था तब इसराइल की मुर्दादिल आवाम ऊँचे टिब्बो पे बैठकर दूरबीन द्वारा खूंरेजी का लुत्फ़ उठा रही थी। वे हर धमाकों पे तालिया पीटते थे. फिलिस्तीन के एक बड़े अस्पताल में घायलों की भरमार लग चुकी थी.

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उस वक़्त सिर्फ एक तुर्की ने इसराइल को धमकाया था। आज की तारीख में इसराइल इंसानियत का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसराइल और अमेरिका तबाही मचाने के लिए हथियारों की खेती करते है, इस जहरीली खेती का शिकार आज नही तो कल हमारी आने वाली नस्ले हो जाएंगी।

कल जब हैफा शहर में आग लगी तब तुर्की ने मदद को हाथ आगे बढ़ाया, फिलिस्तीन ने इंसानियत का फ़र्ज़ अदा करते हुए इस मुश्किल घड़ी में अपने बच्चो के कातिल का साथ दिया और हम सबकुछ भूल भाल के संवेदनाए जताई बिना नही रह सके।।। क्यों संवेदना जताई?? क्योकि हम जिन्दा है, हमारी रूहे मरी हुई नही है इसराइल की अवाम की तरह.. अगर हम खुश होने लग गए तो क्या फर्क रह गया उन टिब्बो पे बैठे हैवानो में और हम में?

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रसुलल्लाह सल्ल. पे एक बुढ़िया अपनी नफरत जाहिर करने के लिए कचरा फेंकती थी, एक मर्तबा ऐसा हुआ की कचरा सिर पे गिरना बन्द हो गया। पैगम्बर सल्ल. को खबर मिली की बुढ़िया बीमार है, इतना सुनते ही आप पहली फुर्सत में उसकी अयादत को पहुँचे.. बुढ़िया दिल हार गई पैग़म्बरे इस्लाम के अख़लाक़ पे.. आज कोई हमारे मौलवी पे कचरा फेंक दे हम जान लेने पे उतर आए उसकी..।

हमारा जब्त और हिम्मत पूरी दुनिया में मिसाल बनेगा एक दिन.. आज ये फिलिस्तीन के आंदोलनकारियो को आतंकी कहते हे, कल इतिहास फिलिस्तीन के जांबाज़ों की खूबियों की मिसाल देगा। ये खून व्यर्थ नही जाएगा। जो निहत्थे फिलिस्तीनी सीना तान कर हथियारबंद फौजियों के सामने खड़े हो जाते है ये जान निशारी भूले नही भुलाई जाएगी।
और हाँ… नास्तिको.. ख़ुशी जाहिर करने वाले कठमुल्लों का स्क्रीनशॉट लेकर घूम रहे हो कभी इसराइल की बर्बरता पे भी अपना मुँह फाड़कर दिखाओ.

Abbas Pathan भाई की लिखी एक बेहतरीन पोस्ट

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