जानिये अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया, और कैसे डाले जाते है वोट

न्यूयॉर्क,नई दिल्ली: अमेरिका भी एक भारत की तरह लोकतांत्रिक देश है, लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति का डायरेक्ट इलेक्शन होता है. जिसकी प्रक्रिया भारत से काफी अलग होती है. आइए जानते हैं कि अमेरिका में कैसे होता राष्ट्रपति का चुनाव

अमेरिका में हर चार साल बाद राष्ट्रपति का चुनाव होता है, जिसमें 18 साल से ज्यादा की उम्र के लोग वोट डालते हैं. ये वोट ही तय करते हैं कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा. लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया आसान नहीं है।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए सारे वोट एक साथ रखकर गिने जाएं और सबसे ज्यादा वोट पाने वाला राष्ट्रपति बन जाए. दरअसल नए राष्ट्रपति का फैसला चुनाव राज्यों में आधार पर होता है. मतदान के लिए हर वोटर राष्ट्रपति और उनके सहयोगी उपराष्ट्रपति के पैनल के लिए वोट डालता है. राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति की सभी जोड़ियों में से हर वोटर को अपनी एक पसंद बतानी होती है।

मतदान के बाद हर राज्य में डाले गए वोटों की गिनती होती है. जिस राज्य में जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, उसे उस राज्य का समर्थन हासिल हो जाता है. हर राज्य में यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, जब तक कि सभी पचास राज्य और कोलंबिया ज़िले के समर्थन का फैसला न हो जाए।

लेकिन नए राष्ट्रपति का चुनाव सिर्फ ये गिनकर नहीं हो सकता कि किस उम्मीदवार को ज्यादा राज्यों का समर्थन हासिल है. क्योंकि अलग-अलग राज्यों में आबादी का भारी अंतर होता है. मिसाल के तौर पर कैलिफॉर्निया में 3 करोड़ 60 लाख मतदाता हैं, जबकि कैनसस में 30 लाख से भी कम. ऐसे में ज्यादा आबादी वाले कैलिफॉर्निया के समर्थन का वजन कैनसस से ज्यादा होगा. जिस राज्य की आबादी जितनी अधिक होगी, उसमें उतने ज्यादा ज़िले होंगे और चुनाव में उसका वज़न उतना ही अधिक होगा।

चयनकर्ताओं की संख्या से चुनाव में हर राज्य के वज़न का आंकलन उसमें इलेक्टर्स यानी चयनकर्ताओं की संख्या से होता है. किसी भी राज्य के जिलों की संख्या में उसके सीनेटर्स की संख्या जोड़ दें तो उसके चयनकर्ताओं की संख्या मिल जाएगी. हर राज्य सीनेटर दो ही होते हैं. मिसाल के तौर पर नॉर्थ कैरोलाइना में 13 जिले हैं इसलिए वहां 15 चयनकर्ता होते हैं।

राष्ट्रपति पद के किसी कोई उम्मीदवार को जब किसी राज्य में जीत हासिल होती है, तो वहां के सभी चयनकर्ताओं के वोट उसके खाते में जुड़ जाते हैं. इसीलिए ज्यादा आबादी वाले बड़े राज्य राष्ट्रपति चुनाव में ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं

सभी पचास राज्यों और कोलंबिया ज़िले को मिलाकर अमेरिका में कुल 538 चयनकर्ता होते हैं. राष्ट्रपति चुनाव वही जीतता है, जिसे इनमें आधे से ज्यादा यानी कम से कम 270 चयनकर्ताओं का समर्थन हासिल हो जाए. चुनाव जीतने के बाद 20 जनवरी को नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाई जाती है.

अपनी कीमती राय ज़रूर दें, शुक्रिया!

नए अपडेट पाने के लिए फेसबुक पेज ज़रूर Like करें !

loading...
loading...