मछुआरों के विरोध प्रदर्शन के बाद भी पीएम ने किया 3600 करोड़ के स्मारक का शिलान्यास

महाराष्ट्र : पीएम मोदी आज महाराष्ट्र दौरे पर हैं और तमाम कार्यक्रमों के साथ साथ उन्होंने शिवाजी महाराज के भव्य स्मारक का शिलान्यास भी किया। साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा यह स्मारक कोई आम स्मारक नहीं है और यह अपने हिस्से के विवादों से घिरा हुआ है।

अरब सागर में बनने वाले 192 मीटर लंबे इस स्मारक की लागत क़रीब 3,600 करोड़ रुपये आंकी गई है। सीएम देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि ये स्मारक भारत का ही नहीं दुनिया का सबसे लंबा स्मारक होगा।

मुम्बई के नरीमन पॉइंट इलाके से आगे अरब सागर में 3 किलोमीटर अंदर बनने वाले इस निर्माण पर मछुआरों ने आपत्ति जताई है। मछुआरों के नेता दामोदर तांडेल ने कहा है कि शिवस्मारक के निर्माण से मछुआरे मछली पकड़ने पानी में नहीं जा सकेंगे। इन लोगों का कहना है कि इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा। साथ ही उन लोगों की जीविका पर भी असर पड़ेगा।

उधर, पर्यावरणविद प्रदीप पाताड़े का कहना है कि, समुद्र में होने जा रहे इस निर्माण से मुम्बई की गिरगाव चौपाटी ख़त्म हो सकती है। साथ ही, इससे समुद्री पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा होगा। पर्यावरण संरक्षकों ने शिवस्मारक के खिलाफ़ नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में तो शहर के कुछ नागरिक ऑनलाइन पिटीशन के जरिए हाइकोर्ट में इस निर्माण का विरोध कर रहे हैं।

विरोधी याद दिला रहे हैं कि, सोलहवीं शताब्दी के राजा शिवाजी के बनाए कई किले महाराष्ट्र में आज भी जर्जर अवस्था में हैं। उनका संरक्षण ज्यादा जरूरी है। तो दूसरी तरफ़ महाराष्ट्र सरकार अपने तर्क के साथ शिवाजी मेमोरियल का समर्थन कर रही है। हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बाबत कहा है कि, शिवाजी के किलों के संवर्धन का काम भी शुरू हो चुका है और कितनी भी मुश्किलें आए शिवस्मारक का काम भी वे कर के दिखाएंगे।

तक़रीबन 15 एकड़ के द्वीप पर प्रस्तावित स्मारक समुंदर के किनारे से 3 किलोमीटर अंदर होगा। इस स्मारक में लगने वाले शिवाजी महाराज के पुतले की ऊंचाई घोड़े समेत 192 मीटर है। घोडे़ पर बैठे हुए छत्रपती शिवाजी महाराज के पुतले की उंचाई 114.4 मीटर है। ये स्मारक करीब 13 हेक्टेयर के चट्टान पर बनाया जाएगा।

यहां एक समय में 10 हजार लोग एक साथ आ सकते हैं। इस स्मारक पर एक एम्पीथिएटर, मंदिर, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी, ऑडियो गायडेड टूर, थ्री डी-फोर डी फिल्म, एक्वेरियम जैसी सुविधाए होंगी। परियोजना की कुल लागत 3600 करोड़ रुपए है, जिसमें से पहले चरण की लागत 2500 करोड़ रुपए होगी।