क्या दिन भर की भागदौड़ के बाद आपको भी रातो में नींद नहीं आती तो आइये जानते हैं इसके कारण और उपाय।

आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद नही आना एक आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में इंसान दिन भर काम करने के बाद जव शाम को अपने घर जाकर दो पल सुकून के लेने की सोचता है पर नींद ही नहीं आती आखिर ऐसे में नींद न आने का कारण क्या हो सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना 2020 तक दुनिया में लोगों की मौत का दूसरा कारण डिप्रेशन होगा

इसका सबसे बड़ा कारण यह है की हमारी लाइफ स्टाइल हमारे पास सबके काम के लिए तो टाइम होता है पर खुद अपने आप के लिए टाइम नही होता है. एसे में हम दिनभर काम की भागदौड़ में इतने बिज़ी हो जाते है की हम अपने आप को ही भूल जाते हैं।

तो ऐसे में हमारा सोने-उठने का कोई फिक्स टाइम डिसाइड नही होता है। और ऊपर से ये इन्टरनेट, मोबाइल, फेसबुक, वाट्सअप ने हमारी लाइफ में खलबली मचा रखी है. वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया की आने वाला समय 2020 तक दुनिया में लोगों की मौत का दूसरा कारण डिप्रेशन होगा।

नींद नहीं आने के सबसे बड़े कारणों में से एक डिप्रेशन भी है, ऐसे में इंसान लगातार लम्बे समय तक सोचता रहता है जैसे अच्चा, बुरा, सुख़,दुख, मनोदशा,या प्यार में असफल होना जैसे कई कारण डिप्रेशन की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। लेकिन सही देखभाल और ट्रीटमेंट से डिप्रेशन पर काबू पाया जा सकता है।

लोगों में तेज़ी से बढ़ रही है रात को नींद न आने की बीमारी

नींद ना आने बाली बीमारी को इनसोम्निया कहते हैं। इनसोम्निया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लक्षण हैं, बार-बार नींद खुलना, गहरी नींद ना आना, कई बार रात भर नींद ना आना, थकान, चिड़चिड़ापन, दिन में सोना, नींद से जागने पर भी फ्रेश महसूस ना करना, तनाव और सिरदर्द जैसे को इनसोम्निया कहा जाता है

हमारी लाइफ को टेक्नोलॉजी ने जितना आसान बनाया है उतनी ही प्रॉब्लम्स भी दी हैं। नींद नहीं आने का सबसे बड़ा कारण टेक्नोलॉजी ही है। दिनभर कंप्यूटर के सामने बैठना और फिर मोबाइल फ़ोन से चिपके रहने से आँखें और दिमाग थक जाते हैं, इसलिए जितना हो सके इन सभी चीजों का उपयोग काम से काम करे और बीच-बीच में थोड़ा घूम लिया करें। इससे दिमाग की थकान कम होगी जो कि आप के लिए अच्छी नींद आने के लिए ठीक होगा।

लोगो में अक्सर देखा गया है की नींद न आने पर लोग अल्कोहल और स्मोकिंग लेते है लेकिन ये सेहत के लिए हानिकारक है और उससे कई बीमारियाँ हो सकती हैं।अल्कोहल और स्मोकिंग से आपके सोने का रुटीन डिस्टर्ब भी होता है और नींद नहीं आने की समस्या होती है।

वैसे तो चाय और कॉफ़ी का सेवन हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है लेकिन इसे एक लिमिटेड मात्रा में लेना ही ठीक है। वरना आपको कई समस्याएँ हो सकती हैं, इनमे से एक है नींद ना आना। खासकर सोते समय बिलकुल भी चाय कॉफ़ी का सेवन ना करें वरना नींद को तो आप भूल ही जाइये।

अच्छी सेहत पाने के लिए लोगबाग जीम जाते है या योगा भी करते है किसी ने सच ही कहा है कि शरीर की समस्याओं का समाधान योगा से ही होगा। हर बीमारी का इलाज़ योग के पास है। नींद नहीं आने का सही समाधान योग से हो सकता है। इसलिए योग कीजिये और बिंदास रहिये।

और है कहते हैं कि संगीत में इतनी ताकत होती है कि किसी भी बीमारी में संगीत थेरेपी के द्वारा ट्रीटमेंट किया जा सकता है। लेकिन हमें तो सिर्फ नींद चाहिये, तो अपनी पसंद का संगीत या म्यूजिक सुनिए। इससे दिमाग रिलैक्स होगा और नींद आने में लाभ मिलेगा ।

प्रकृति से दोस्ती कीजिये फिर देखिये कितना रिलैक्स महसूस करेंगे आप। पार्क में नंगे पैर टहलिए, जंगलों की सैर पर जाइये, पेड़-पौधों और चिड़ियों से दोस्ती कीजिये। ये सभी आप को सुकून पहुँचायेंगे।

आयुर्वेदिक में ऐसे कई सारे उपाय हैं जो नींद नहीं आने की समस्या को दूर कर सकते हैं। ये घरेलु उपाय जैसे सोने से पहले सरसों के तेल से तलवो की मसाज करना सोते समय गर्म दूध में शहद डालकर पीना और सोने से पहले ठन्डे पानी से आँखे चेहरा और हाथ पैर धोना पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से जल्दी नींद आ जाती है।

Facebook Comments